Thursday, November 15, 2007

अश्क

अश्क आँखों से निकलना बेवज़ह होता नहीं,
आह निकली है तो दिल में दर्द भी होगा कहीं.

गर मेरी खामोशियों को तुम समझ पाते नहीं,
तो मेरे अल्फाज़ का भी कुछ असर होगा नहीं।

-Unknown

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